मनुष्य अपने जीवन तीन कर्म कर सकता है।
1] काम कर सकता है।
2] काम नही कर सकता है।
3] तय किया हुआ काम गलत ढंग से कर सकता है।
यह तीनों काम वह जैसी उसकी बुद्धी होती है, उसके आधार पर करता है
जो मनुष्य काम चुनता है, काम करता है , उसको कोई समस्या नही है।जो मनुष्य को काम ही नही करना है,वह कोहि काम चुनता भी नही,उसके जीवन मे भी कोहि समस्या नही है।लेकीन जो मनुष्य काम चुनता है और गलत ढंग से काम करता रहता है तो जीवन समस्योंसे भर जाता है।
आप देखेंगे मजदुरों को अपने काम के साथ कोई समस्या नही होती क्योंकी वह अच्छी तरह से जानते है,उनका काम क्या है,कैसे करना है। मेहनत का काम करने मनुष्य कोई तललीफ नही होती है। लेकीन दिमाग काम अगर आपने चुना और वह काम कैसे करना आपको मालुम नही है, तो आप अपने काम भटक सकते हो। सभी धंदे दो रास्ते से किये जाते है, एक नशीब का रास्तेसे और दुसरा पुरे ज्ञान के [प्रोफेशनल] रास्ते से।